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Sunday, May 17, 2026
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बरेली: पुरानी गुमशुदगी मामले में सोमवीर मौर्य और आकाशदीप मौर्य जेल भेजे गए, परिजनों ने SOG पर अवैध हिरासत और फंसाने का लगाया आरोप

बरेली। भुता थाना क्षेत्र में दर्ज एक पुराने गुमशुदगी मामले में पुलिस ने हत्या के आरोप में सोमवीर मौर्य और उसके साले आकाशदीप मौर्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। रविवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां अवकाश दिवस पर सुनवाई करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। माना जा रहा है कि सोमवार को मुख्य सुनवाई के दौरान पुलिस रिमांड और आगे की जांच को लेकर महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है।
मामले में आरोपी पक्ष ने पुलिस और एसओजी की कार्यवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोपी पक्ष के वकील शांतनु मिश्रा ने कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखते हुए कहा कि दोनों आरोपियों को 13 मई 2026 को ही उठा लिया गया था, जबकि पुलिस अब गिरफ्तारी 16 मई 2026 की दिखा रही है। उन्होंने कहा कि पूरी कार्यवाही में एसओजी के द्वारा की गई कार्रवाई का कहीं कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
वकील शांतनु मिश्रा ने अदालत में 13 मई 2026 की कथित गिरफ्तारी को लेकर विभिन्न अखबारों में प्रकाशित खबरों और उनके द्वारा पूर्व में दिए गए विभिन्न प्रार्थना पत्रों का भी उल्लेख किया। उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपी पक्ष लगातार यह कहता रहा है कि आरोपियों को पहले ही हिरासत में ले लिया गया था।
सूत्रों के अनुसार, गुमशुदगी का मामला भुता थाने से जुड़ा है, जबकि आरोप है कि एसओजी टीम आरोपियों को उनके गांव से उठाकर भोजीपुरा थाने ले गई थी और वहीं रखकर पूछताछ की जा रही थी। बाद में नए तरीके से गिरफ्तारी दर्शाते हुए दोनों को पुराने गुमशुदगी मामले में हत्या का आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया।

जेल भेजे जाने के दौरान आरोपियों से बातचीत की गई। आरोपी सोमवीर ने कहा कि उसे “गलत तरीके से फंसाया गया है।” उसका कहना था कि उसकी गिरफ्तारी 13 मई 2026, बुधवार को हुई थी, जबकि पुलिस 16 मई 2026 की गिरफ्तारी दिखा रही है। वहीं दूसरे आरोपी आकाशदीप मौर्य ने भी खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकील ने पुलिस द्वारा दिखाई गई मोटरसाइकिल और अंगूठी की बरामदगी पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यह बरामदगी जबरन दिखाई गई है तथा आरोपियों ने कोई सामान बरामद नहीं कराया है। वकील ने यह भी कहा कि आरोपियों को 13 मई 2026 को ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
आरोपी सोमवीर की पत्नी रजनी मौर्य
वकील द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि अभियुक्तों को घर से उठाने के बाद परिवार के किसी सदस्य को सूचना नहीं दी गई। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि अभियुक्त की पत्नी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों एवं मानवाधिकार आयोग को भी प्रार्थना पत्र दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। साथ ही आरोप लगाया गया कि पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की वास्तविक जानकारी छिपाई गई।

इसी बीच आरोपी सोमवीर मौर्य की पत्नी रजनी मौर्य ने भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली को प्रार्थना पत्र देकर एसओजी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रार्थना पत्र के अनुसार, 13 मई 2026 को एसओजी पुलिस उसके पति सोमवीर, प्रेमपाल तथा ससुर कृष्णपाल को बहाने से घर से उठाकर ले गई। महिला का आरोप है कि इस दौरान घर से करीब 10 लाख रुपये के जेवरात और 50 हजार रुपये नकद भी साथ ले जाए गए।
सोमवीर का साला आकाश दीप मौर्य
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि परिवार के लोगों के साथ मारपीट की गई तथा 14 मई 2026 को उसके भाई आकाशदीप मौर्य को भी नवाबगंज क्षेत्र से उठाकर ले जाया गया। प्रार्थिनी का कहना है कि परिवार को उनसे मिलने नहीं दिया गया और उन्हें पहले से आशंका थी कि परिवार के लोगों को किसी झूठे आपराधिक मामले में फंसाया जा सकता है।

वहीं मामले में इंस्पेक्टर भुता से बात करने पर उन्होंने इंडस न्यूज से कहा कि मामले में सभी महत्वपूर्ण बरामदगियां हो चुकी हैं। पुलिस का दावा है कि यह एक बड़ा खुलासा है। पुलिस के अनुसार करीब दो महीने पहले दर्ज हुई गुमशुदगी की जांच के दौरान हत्या से जुड़े साक्ष्य मिलने पर यह कार्रवाई की गई है।
फिलहाल पूरे मामले में अब सोमवार को होने वाली सुनवाई और पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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