बरेली: बरेली में डॉक्टरों की संस्था इंटेलेक्चुअल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (ISWA) के एक कार्यक्रम के दौरान कथित महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद संगठन की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना 18 अप्रैल 2026 शाम 7 बजे की बताई जा रही है जब ISWA के द्वारा सुमाया रिसोर्ट, बरेली में ईद मिलन समारोह आयोजित किया गया था (Misbehavior with female journalist at ISWA event)
पीड़िता के मुताबिक, वह नियमित कवरेज के लिए फील्ड में निकलती है और वह कार्यक्रम कवरेज के लिए मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान कार्यक्रम में मौजूद डॉ. अयूब अंसारी और उनके कुछ साथी डॉक्टरों ने उनसे कार्यक्रम में आने को लेकर आपत्ति जताई और कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया। पीड़िता का आरोप है कि स्थिति यहीं तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक निजी हॉस्पिटल के संचालक डॉ अयूब अंसारी ने उनके साथ अनुचित व्यवहार भी किया और उसे गलत तरीके से छुआ, जिससे वह मानसिक रूप से आहत हुई है।
इस घटना के बाद कथित महिला पत्रकार ने बारादरी थाने में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे पत्रकारों में नाराजगी देखी जा रही है (Misbehavior with female journalist at ISWA event)
घटना के बाद ISWA और उसके पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डॉक्टर और जिम्मेदार लोग मौजूद थे, वहां एक कथित महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना होना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है, क्या अन्य आयोजकों ने मौके पर हस्तक्षेप किया? क्या महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई कदम उठाया गया?
मीडिया से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि किसी कार्यक्रम में पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार होता है, तो यह न केवल प्रेस की स्वतंत्रता पर सवाल है, बल्कि समाज के जिम्मेदार वर्ग की संवेदनशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।
वहीं, आरोपित डॉ. अयूब अंसारी और ISWA की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हो सका। ऐसे में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी सवाल और गहरे होते जा रहे हैं।
पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है, “ISWA मुस्लिम डॉक्टरों की संस्था है, जिसमें 600 से अधिक डॉक्टर शामिल हैं।” पीड़िता ने आरोप लगाया कि संगठन द्वारा पत्रकारों के प्रति नकारात्मक रुख अपनाया जाता रहा है और उन्हें कार्यक्रमों से दूर रखने की कोशिश की जाती है। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार का बायकॉट भी किया जाता है, तो वह मर्यादित होना चाहिए, लेकिन जिस तरह का कथित व्यवहार इस कार्यक्रम में सामने आया, उसने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ISWA बरेली के डॉक्टरों की बड़ी संस्था बताई जाती है जोकि एक डायग्नोस्टिक सेंटर पीलीभीत बायपास पर संचालित करती है जिसमें बड़ी संख्या में इसके सदस्य डॉक्टर के द्वारा रेफर करके मरीजों को जांच के लिए भेजा जाता है।
पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नोट: समाचार अपडेट (21 अप्रैल 2026) आरोपित डॉ. अयूब अंसारी से उनका पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया। उन्हें दो बार कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया और न ही कोई प्रतिक्रिया दी। यह समाचार अपडेट लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष मिलते ही खबर को अपडेट किया जाएगा।
अपडेट (22 अप्रैल 2026): आज 22 अप्रैल 2026 को पीड़ित कथित महिला पत्रकार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बरेली से मुलाकात कर अपनी शिकायत दोहराई और कार्रवाई की मांग की, पीड़िता ने बताया कि SSP ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं, आरोपित डॉ. अयूब अंसारी ने इंडस न्यूज टीवी से बातचीत में सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं किया, बल्कि कार्यक्रम निजी होने के कारण केवल बाहर जाने के लिए कहा था, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
अपडेट (22 अप्रैल 2026): ISWA विवाद—डॉ. अयूब अंसारी का पक्ष भी आया सामने, कथित ब्लैकमेलिंग के आरोप
ISWA कार्यक्रम से जुड़े कथित दुर्व्यवहार मामले में अब आरोपी पक्ष का भी बयान सामने आया है। “बुलंद भारत” नामक यूट्यूब चैनल पर प्रसारित खबर के अनुसार, डॉ. अयूब अंसारी ने अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) को एक प्रार्थना पत्र देकर पीड़ित महिला पर कथित ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए हैं।
बताया जा रहा है कि अपने प्रार्थना पत्र में डॉ. अयूब अंसारी ने महिला के साथ दो अन्य साथियों का भी उल्लेख किया है। हालांकि, उन दोनों व्यक्तियों के नाम स्पष्ट रूप से सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वे कौन लोग हैं।
फिलहाल इस मामले में दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप सामने आ चुके हैं। एक ओर जहां पीड़िता ने दुर्व्यवहार, पहचान उजागर करने और बदनाम करने के आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर आरोपी डॉक्टर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए उल्टा कथित ब्लैकमेलिंग का दावा किया है।
अपडेट( 23 अप्रैल 2026) : ISWA विवाद—पीड़िता ने SSP से शिकायत, पहचान उजागर करने और धमकाने के आरोप
ISWA कार्यक्रम से जुड़े कथित दुर्व्यवहार मामले में नई अपडेट सामने आई है। पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), बरेली को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि घटना के बाद उन्हें लगातार बदनाम किया जा रहा है और मानसिक रूप से दबाव बनाया जा रहा है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, मुख्य आरोपी डॉ. अयूब अंसारी द्वारा पहले समझौते का दबाव बनाया गया था और मना करने पर मीडिया के माध्यम से बदनाम करने की कथित धमकी दी गई, जो अब सामने आ रही है।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि “आज का बरेली” यूट्यूब चैनल से जुड़े फिरोज आलम और “बुलंद भारत” प्लेटफॉर्म (संचालक: कामरान अली) ने वीडियो में उनकी पहचान सार्वजनिक कर दी, जिससे उनकी निजता और सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हुआ है।
इसके साथ ही लावा न्यूज़ की रिपोर्टर जहरा खान और संपादक कामरान पर भ्रामक खबरें चलाने के कथित आरोप लगाए गए हैं, जबकि “उरूज़” नामक महिला पर फोन व मैसेज के जरिए धमकाने के कथित आरोप हैं।
पीड़िता का कहना है कि पूरे मामले में उनके खिलाफ संगठित तरीके से माहौल बनाकर दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने SSP से सभी आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।