बरेली, 17 जून 2026। तहसील बहेड़ी के ग्राम बिजौरिया परगना चौमहला में चकबंदी लेखपाल पर किसानों द्वारा लगाए गए वसूली और अनियमितताओं के आरोपों के मामले में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। शिकायत जिलाधिकारी तक पहुंचने के बाद अब बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (SOC) ने मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
मामले को लेकर जब हमारी टीम ने बरेली के उप संचालक चकबंदी (DDC) कार्यालय से संपर्क किया तो वहां से हमें बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (SOC) से बात करने के लिए कहा गया। इसके बाद SOC से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए चकबंदी अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं।
SOC के अनुसार संबंधित चकबंदी अधिकारी को गांव जाकर पूरे प्रकरण की स्थलीय जांच करने तथा पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच कराई जा रही है।
SOC ने कहा कि शिकायत में हल्का लेखपाल पर चकों के आवंटन और परिवर्तन के नाम पर वसूली करने के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लेखपाल का कार्य चक बनाना नहीं होता है। ऐसे में यदि शिकायत के अनुसार वह चक बनाने अथवा चकों में बदलाव कराने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की भूमिका निभा रहा था, तो इस बिंदु की भी जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि चक बनाने या बदलवाने के नाम पर किसी प्रकार की अवैध वसूली किए जाने के आरोप सामने आए हैं तो उनकी भी निष्पक्ष जांच होगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
तहसील बहेड़ी के ग्राम बिजौरिया परगना चौमहला के किसानों ने चकबंदी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और लाखों रुपये की अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए हल्का लेखपाल मुनीश चौधरी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी समेत चकबंदी विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि चकबंदी के दौरान किसानों के चकों में मनमाने ढंग से बदलाव किए गए। शिकायत के अनुसार कई किसानों के चक उनकी सहमति के बिना काटे गए, कम मालियत वाली भूमि में स्थानांतरित किए गए तथा कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की गई। किसानों का यह भी आरोप है कि चकों के आवंटन और परिवर्तन के नाम पर उनसे रिश्वत की मांग की गई तथा लाखों रुपये की वसूली की गई।
अधिकारियों का पक्ष
मामले को लेकर क्षेत्रीय सहायक चकबंदी अधिकारी से बात की गई। उनका कहना था कि उन्होंने किसी प्रकार की कोई वसूली नहीं की है। जब उनसे कहा गया कि वसूली के आरोप उन पर नहीं बल्कि लेखपाल पर लगाए गए हैं, तो वह इस संबंध में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
आरोपी लेखपाल के पक्ष
वहीं, जब लेखपाल मुनीश चौधरी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि चक काटने या बनाने का कार्य उनके द्वारा नहीं किया जाता, बल्कि यह कार्य चकबंदी अधिकारियों द्वारा किया जाता है। हालांकि, किसानों द्वारा लगाए गए वसूली के आरोपों पर उन्होंने फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
रिपोर्ट का इंतजार
शिकायत पत्र दिए जाने के लगभग दो दिन बीत चुके हैं। SOC के निर्देश के बाद अब चकबंदी अधिकारी गांव में जाकर जांच करेंगे। अधिकारियों के अनुसार अगले कुछ दिनों में जांच रिपोर्ट आने की संभावना है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। जांच रिपोर्ट सामने आते ही उसका विवरण भी प्रकाशित किया जाएगा।