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Friday, August 7, 2026
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बरेली: मेहनत की कमाई के लिए भटक रहे मजदूर, बढ़ी आर्थिक परेशानी, विभाग बोला, अधिकारी आते ही होगा भुगतान

बरेली: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत विभिन्न वाटरशेड (WDC) परियोजनाओं में मेढ़बंदी का कार्य करने वाले मजदूरों की मेहनत की कमाई महीनों से विभागीय फाइलों में अटकी हुई है। भुगतान न मिलने से परेशान मजदूरों ने एक बार फिर जिलाधिकारी से गुहार लगाई है। उनका कहना है कि काम पूरा होने और सत्यापन के बाद भी अब तक मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

इंडस न्यूज़ ने प्रभावित मजदूरों से बातचीत की। मजदूरों ने बताया कि भुगतान न होने से उनमें भारी निराशा है। कई मजदूरों के सामने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। कुछ मजदूरों ने बताया कि उन्होंने घर चलाने के लिए कर्ज लिया था, लेकिन मजदूरी का भुगतान न मिलने के कारण वे अब तक कर्ज नहीं चुका पा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय पर मजदूरी मिल जाती तो वे अपना कर्ज चुका देते। मजदूरों के अनुसार, भुगतान में लगातार हो रही देरी से उनके सामने आर्थिक और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

मजदूरों ने यह भी बताया कि करीब एक महीने पहले बरेली से स्थानांतरित हुई तत्कालीन जिला भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. रश्मि ने उन्हें आश्वासन दिया था कि सर्वे पूरा होते ही मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा। मजदूरों का कहना है कि विभाग द्वारा सर्वे भी पूरा कर लिया गया, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं हुआ। इसी बीच डॉ. रश्मि का स्थानांतरण हो गया और भुगतान की प्रक्रिया फिर अधर में लटक गई।
मजदूर
इस पूरे मामले पर इंडस न्यूज़ ने भूमि संरक्षण विभाग की उपनिदेशक नीरजा सिंह से बात की। उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में जिला भूमि संरक्षण अधिकारी का पद रिक्त है, जिसके चलते भुगतान संबंधी फाइलों पर अंतिम कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही जिला भूमि संरक्षण अधिकारी की तैनाती होगी, मजदूरों के भुगतान की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी जाएगी।
वहीं, क्षेत्रीय JE ने भी स्वीकार किया कि जिला भूमि संरक्षण अधिकारी के अभाव में भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।जब इंडस न्यूज़ ने JE से पूछा कि मजदूर इस मामले में कई बार शिकायत कर चुके हैं, तो क्षेत्रीय JE ने कहा कि यह मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है और अधिकारी की तैनाती के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अब विभाग ने जल्द भुगतान का भरोसा दिया है, लेकिन मजदूरों का कहना है कि उन्हें आश्वासनों से अधिक अपनी मेहनत की कमाई का इंतजार है। उनकी निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि जिला भूमि संरक्षण अधिकारी की तैनाती कब होती है और भुगतान की प्रक्रिया वास्तव में कब शुरू होती है।
Santosh Shakya
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संतोष शाक्य Indus News TV के Special Correspondent हैं। संतोष शाक्य उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखण्ड यूनिवर्सिटी बरेली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हैं। विज्ञान के साथ इतिहास, सामाजिक विज्ञान, राजनीति, धम्म, दर्शन एवं अध्यात्म आदि संतोष शाक्य के पसंदीदा विषय हैं। इसके साथ संतोष शाक्य एक एंटरप्रेन्योर, मोटिवेशनल स्पीकर, लेखक, विचारक, पत्रकार, Life कोच, आध्यात्मिक शिक्षक भी हैं। जो मोटिवेशन, बिजनेस प्रमोशन, वेलनेस टॉक & Meditation के जरिए लोगों की मदद करते हैं। इसके साथ संतोष शाक्य एक डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी के संचालक भी हैं। संतोष शाक्य के द्वारा कवर की गयी प्रमुख स्टोरी एवं उनके लेख पढ़ने के लिए आप Indus News TV की वेबसाइट https://www.indusnewstv.com को लॉग-ऑन कर सकते हैं। संतोष शाक्य के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप उनकी वेबसाइट https://www.santoshshakya.com भी विजिट कर सकते हैं।
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