बरेली के प्रताप अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से इलाज से इनकार का आरोप, ₹22 हजार के लिए प्रार्थी को रोककर रखने और जातिसूचक गाली-गलौज की शिकायत
बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र के मिनी बाईपास स्थित प्रताप अस्पताल पर आयुष्मान कार्ड से इलाज करने से इनकार और मरीज की मौत के बाद रुपये मांगने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायतकर्ता सचिन सागर के मुताबिक, 18 सितंबर 2026 की सुबह सड़क हादसे में घायल उनकी दादी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने आयुष्मान कार्ड दिखाकर योजना के तहत इलाज कराने का अनुरोध किया, लेकिन आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के लिए पैसे जमा कराने का दबाव बनाया।

शिकायत के अनुसार, दोपहर करीब एक बजे मरीज की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल की ओर से ₹22 हजार की मांग की गई और पैसे जमा होने तक शव रोकने का दबाव बनाया गया। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान मरीज के एक तीमारदार को अस्पताल में ही रोककर रखा गया।

आरोप और गंभीर तब हो गए जब शिकायतकर्ता ने अस्पताल प्रबंधन पर तीमारदार को बांधकर रखने की धमकी देने और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, मैनेजर ने उसकी जाति पूछने के बाद कथित रूप से अपमानजनक एवं जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और पैसे लाने का दबाव बनाया।

पुलिस के पहुंचने के बाद मरीज के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार एक तीमारदार को अस्पताल में रोककर रखा गया था। बाद में वह अस्पताल से बाहर निकल सका और पूरे मामले की शिकायत लेकर थाना इज्जतनगर पहुंचा।

सचिन सागर ने पुलिस से FIR दर्ज करने, अस्पताल की CCTV फुटेज सुरक्षित कराने, आयुष्मान योजना के तहत अस्पताल के उपचार एवं भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की जांच तथा तीमारदार को रोकने, बांधकर रखने की धमकी देने और कथित जातिसूचक गाली-गलौज के आरोपों में कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद होगी।
खबर लिखे जाने तक अस्पताल के डॉक्टर से संपर्क नहीं हो सका। आयुष्मान योजना में अनियमितता के आरोपों को लेकर अस्पताल का पक्ष प्राप्त होते ही उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।