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Saturday, November 7, 2026
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विधायक निधि से बनी सीसी सड़क पर अनियमितताओं के आरोप, विधायक शहज़िल इस्लाम की निधि से बनी सड़क, जांच और भुगतान रोकने की मांग

बरेली। बिथरी चैनपुर विकासखंड के ग्राम भूड़ा में विधायक निधि योजना के तहत कराए गए सीसी रोड निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीण ने मंडलायुक्त बरेली को प्रार्थना पत्र देकर निर्माण कार्य की जांच कराने, जांच पूरी होने तक ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

प्रार्थना पत्र के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में अगस्त 2026 से ग्राम भूड़ा में विधायक निधि योजना के अंतर्गत जली मोहम्मद के घर से मेहरबान अली के घर तक तथा नूर मोहम्मद सेफी के घर से हाजी इस्लाम मंसूरी के घर तक सीसी रोड का निर्माण कराया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई है।
शहज़िल इस्लाम, विधायक, भोजीपुरा
शिकायत में कहा गया है कि एक मार्ग का निर्माण मेहरबान अली के घर तक पूरा कराने के बजाय बीच में ही रोक दिया गया, जबकि पहले से बनी सीसी सड़क की पैमाइश कर उसे भी माप-पुस्तिका में दर्शाकर ठेकेदार द्वारा विभागीय भुगतान के लिए बिल प्रस्तुत किया गया। शिकायतकर्ता ने इसे वित्तीय अनियमितता बताया है।

 

इसके अलावा आरोप लगाया गया है कि जिस हिस्से में सीसी रोड का निर्माण कराया गया, वहां पहले से खड़ंजा और नालियों का कार्य ग्राम सभा द्वारा कराया जा चुका था। शिकायत के मुताबिक पुरानी नालियों पर ही आंशिक प्लास्टर किया गया तथा खड़ंजे में लगी ईंटों को उखाड़कर सीसी निर्माण में इस्तेमाल किया गया। इससे निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित होने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने सीसी रोड में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया है। प्रार्थना पत्र में सड़क में प्रयुक्त मोटाई और सामग्री की गुणवत्ता की जांच प्रयोगशाला से कराने की मांग की गई है।
वहीं नूर मोहम्मद से हाजी इस्लाम मंसूरी के घर तक प्रस्तावित सीसी रोड भी पूरी लंबाई में नहीं बनाए जाने और कार्य में अनियमितताएं बरते जाने का आरोप लगाया गया है।
ग्रामीण ने मंडलायुक्त से मांग की है कि दोनों मार्गों के निर्माण की माप-पुस्तिका और वास्तविक निर्माण की मात्रा का मिलान, पुरानी सड़क एवं नाली के कार्य की जांच, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की प्रयोगशाला जांच तथा मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाए। शिकायत में जांच पूरी होने तक संबंधित ठेकेदार का भुगतान रोकने और अनियमितता प्रमाणित होने पर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों तथा ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
मामले में अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि निर्माण कार्य में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और सरकारी धन के इस्तेमाल में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।
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