बरेली में एसएसपी कार्यालय के बाहर 24 सितंबर को शबाना नाम की महिला ने आत्मदाह की कोशिश की, इसके बाद एएनबी न्यूज के पत्रकार अमल सैनी और महिला के एक परिचित शोएब को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि अमल ने महिला को आत्मदाह के लिए उकसाया। महिला पारिवारिक विवाद में कोर्ट से तय हुए गुजारा भत्ता न मिलने और कोर्ट के समन पर पुलिस की कार्रवाई न होने से क्षुब्ध थी।
इस घटना के बाद पुलिस ने अमल की आपराधिक कुंडली खंगाली और बताया कि उस पर पहले से चार मुकदमे दर्ज हैं। ताजा पांचवा मुकदमा दर्ज कर अमल और शोएब को जेल भेज दिया गया, जिसमें एक अज्ञात आरोपी भी है, हालांकि सीओ प्रथम की बाइट में दो अज्ञात बताए गए थे।
इसके अगले दिन एडीएम प्रशासन के स्टेनो ने पांच पत्रकारों के खिलाफ कोतवाली सदर में रंगदारी का मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें अमल सैनी को मुख्य आरोपी बताया गया। उसके बाद टीएसआई ने भी अमल सैनी और उसके दो तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया कि उनसे भी रंगदारी मांगते थे, वसूलते थे फर्जी यातायात अव्यवस्था के फोटो दिखाकर।
फिर एक मामला और पुलिस ने पकड़ा, फर्जी बैंक खातों और साइबर क्राइम से जुड़ा। इस मुकदमे में भी बताया गया है कि पकड़े गए दो लोगों के साथ अमल सैनी और शोएब मिलकर मनी लांड्रिंग नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
कुल मिलाकर, अमल सैनी की न्यूज रिपोर्टिंग यात्रा यह है कि अमल सैनी ने 19 साल की उम्र में पत्रकारिता शुरू की, पत्रकारिता करते हुए 7 साल बीते और 8 मुकदमों का ताज पहन लिया।
अमल सैनी के खिलाफ दर्ज मुकदमों के आरोप पुलिस जांच में स्पष्ट होंगे और अदालत फैसला करेगी। इस पूरी प्रक्रिया में कितना समय लगेगा, अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। तब तक 26 साल के अमल सैनी की उम्र कितनी होगी, क्या पता! क्या पता, पूरी उम्र जेल में ही कट जाए!
पुलिस की कार्रवाई और स्थानीय मुख्य मीडिया की खबरों को पढ़कर 2009 के चांद मुहम्मद केस की याद आ गई।
फिलहाल, हम अमल सैनी के सात साला पत्रकारिता जीवन के गैंगस्टर जैसे हालात तक पहुंचने की यात्रा को उनके सार्वजनिक पलों के जरिए समझ सकते हैं।
अमल सैनी की पहचान वाकई बड़े लोगों से थी, जिसका हवाला उसने आत्मदाह करने वाली महिला शबाना को दिया और उस महिला के ससुर अब्दुल कय्यूम को धमकाया। इसकी झलक अमल सैनी के फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट तस्वीरों से मिलती है।
पत्रकार बनने के बाद सबसे पहली तस्वीर भजन गायक लखबीर सिंह ‘लक्खा’ के साथ है और उसके बाद मौजूदा मेयर उमेश गौतम के साथ है।
साध्वी प्राची के साथ भी फोटो है-
लोकसभा चुनाव 2019 में कवरेज के लिए अमल सैनी का प्राइम 18 चैनल के लिए पहचान पत्र जारी हुआ।
इसी साल अमल सैनी ने डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला समेत 80 का एनकाउंटर करने वाले डीआईजी आईपीएस राजेश कुमार पांडे के साथ तस्वीर पोस्ट की।
दो साल बाद 2021 में, जब सपा मुखिया मुख्यमंत्री नहीं रहे, तब उनके साथ भी हाथ मिलाते तस्वीर पोस्ट की।
2021 में ही ट्रैफिक पुलिस के टीआई दिनेश कुमार पांडे के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा- आज बरेली के ट्राफिक के T. I 【 2st 】 दिनेश कुमार पांडे sir से मुलाकात की मुझे आज इतना प्यार दिया मैं इनका सदा आभारी रहूंगा
इसी साल योगी सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ मुलाकात की तस्वीर शेयर की।
तस्वीरों से यह भी पता चलता है कि ट्रैफिक पुलिस के साथ अच्छा उठना-बैठना था।
बरेली में दंगे की साजिश के आरोप में जेल भेजे गए इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के हेड मौलाना तौकीर रजा खां के साथ भी मुलाकात रही।
हनुमान दल के मीडिया प्रभारी भी रहे हैं अमल सैनी।
2022 में आईजी रहे आईपीएस राजकुमार के साथ की तस्वीर
बरेली के डीएम रहे शिवाकांत द्विवेदी के साथ।
योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह के साथ।
सीओ ट्रैफिक के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा है- आज पूरे बरेली के ट्रैफिक विभाग के C.O बैधनाथ SIR से मुलाकात की मुझे बहुत प्यार करते है अपना छोटा भाई मानते है बहुत बहुत धन्यवाद मुझे इतना प्यार देने के लिये मेरे लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
बरेली में एसएसपी रहने के साथ ही डीआईजी पद पर पदोन्नत होने वाले आईपीएस अखिलेश चौरसिया ने अमल सैनी को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया।
एसएसपी अनुराग आर्य के कार्यकाल की तस्वीर भी है, जिसे पुलिस अधिकारियों के बायीं तरफ अमल सैनी है।
इन दो तस्वीरों के कनेक्शन का क्या अर्थ हो सकता है?
और भी बहुत सी तस्वीरें है अमल सैनी की फेसबुक वॉल पर, जिनसे अमन सैनी का रुतबा और पैठ का अंदाजा लगाया जा सकता है।
लेकिन अमल सैनी के साथ तस्वीर खिंचाना या बोलचाल लेना दूसरे पत्रकारों की मुसीबत बन गई। इतने में ही अमल सैनी ‘गैंग लीडर’ बन गया और उससे संबंध रखने वाले पत्रकार ‘गैंग से सदस्य’। हालांकि, इस तस्वीर में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य भी हैं।