विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून 2026 को बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लिमिटेड, शिवपुरी, विकास खंड फरीदपुर (बरेली) परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) यानी एडीओ सहकारिता ने समिति के खाद गोदाम परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने किसानों से सीधे संवाद स्थापित कर खाद वितरण व्यवस्था और उनकी समस्याओं की जानकारी भी ली (Cooperative Society planted trees)

रिपोर्ट: राजीव कुमार यादव
वृक्षारोपण के बाद एडीओ सहकारिता ने वहां मौजूद किसानों से पूछा कि उन्हें समय-समय पर खाद उपलब्ध हो रही है या नहीं तथा खाद वितरण में किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं आ रही है। इस पर किसानों ने संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि समिति के माध्यम से उन्हें खाद समय पर उपलब्ध कराई जाती है। किसानों ने कहा कि खाद वितरण की पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से संचालित की जाती है और समिति में कार्यरत अकाउंटेंट सचिव के सहायक द्वारा खाद वितरण का कार्य बेहद जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ किया जाता है।

किसानों ने बताया कि खाद लेने आने वाले किसानों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता तथा उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाता है। किसानों के सकारात्मक जवाब सुनकर एडीओ सहकारिता ने प्रसन्नता व्यक्त की और समिति के कर्मचारियों को इसी तरह किसानों की सेवा करने के लिए प्रोत्साहित किया (Cooperative Society planted trees)

इस दौरान वहां उपस्थित लोगों ने अतिथि सत्कार के रूप में एडीओ सहकारिता को शरबत और कोल्ड ड्रिंक की पेशकश की। हालांकि उन्होंने विनम्रता के साथ इसे स्वीकार करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि इस समय कई किसान खाद प्राप्त करने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, इसलिए सबसे पहले किसानों को खाद उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि चाय-पानी और सत्कार बाद में भी हो सकता है, लेकिन किसानों का समय सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।
एडीओ सहकारिता ने कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना, उनकी समस्याओं का समाधान करना और यह सुनिश्चित करना कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो, विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसानों की सेवा करना ही उनका मूल कर्तव्य और ड्यूटी है। उनके इस व्यवहार और किसान हितैषी सोच की वहां मौजूद किसानों और समिति कर्मियों ने सराहना की। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण तथा किसान कल्याण के संकल्प के साथ हुआ।


