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Monday, August 24, 2026
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बरेली के बालाजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत का मामला, CMO ने गठित की जांच कमेटी

बरेली। बरेली के बालाजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत का मामला अब स्वास्थ्य विभाग तक पहुंच गया है। मृतका श्यामा देवी के परिवार ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार पहले इस मामले को लेकर जिलाधिकारी से शिकायत कर चुका है और अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी बात रखी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मामले में जांच कमेटी गठित कर दी गई है।
परिजनों के मुताबिक, श्यामा देवी को 10 अगस्त 2026 को श्री बालाजी हॉस्पिटल, बाईपास रोड, बरेली में भर्ती कराया गया था। शिकायत के अनुसार, 11 अगस्त को आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उनका ऑपरेशन किया गया। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के करीब सात घंटे बाद भी उन्हें होश नहीं आया और उनकी स्थिति गंभीर होती चली गई। इसके बाद उन्हें ग्लोबल अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान 12 अगस्त 2026 को उनकी मौत हो गई।

मृतका के बेटे रोहित कुमार का आरोप है कि उनकी मां की हालत ऑपरेशन से पहले ठीक थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद उनकी स्थिति बिगड़ गई। परिवार ने इलाज से संबंधित दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। रोहित कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने अस्पताल से इलाज के कागजात मांगे तो उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया और 60 हजार रुपये की मांग की गई।
रोहित कुमार, शिकायतकर्ता
परिवार का कहना है कि मामले को लेकर पहले जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें जांच के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी। इसी को लेकर परिवार आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रखी।
मृतका श्यामा देवी के लकवाग्रस्त पति के साथ व अन्य (पीड़ित परिवार)
इस दौरान मृतका के पति भी CMO से मिलने पहुंचे। परिवार के मुताबिक, वह पिछले करीब 10 वर्षों से पैरालिसिस से पीड़ित हैं। श्यामा देवी ही इतने वर्षों से अपने पति की देखभाल कर रही थीं। पत्नी की मौत के बाद वह बेहद भावुक नजर आए। इंडस न्यूज़ टीवी से बातचीत के दौरान मृतका के पति अपनी पत्नी को याद कर रो पड़े और अपना दर्द बयां किया। परिवार का कहना है कि अब उनकी पत्नी के जाने के बाद उनके सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

अस्पताल संचालक ने क्या कहा?

मामले को लेकर इंडस न्यूज़ टीवी ने बालाजी अस्पताल के संचालक डॉ. पारस कुमार गुप्ता से भी बातचीत की। डॉ. पारस कुमार गुप्ता ने बताया कि श्यामा देवी का ऑपरेशन उनके अस्पताल में ही किया गया था। उनका कहना है कि ऑपरेशन के समय किसी तरह की कोई जटिलता नहीं थी।
डॉ पारस कुमार, अस्पताल संचालक
डॉ. पारस कुमार के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद जब महिला की स्थिति नाजुक हुई तो उन्हें ग्लोबल अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हुई। उन्होंने यह भी कहा कि महिला की मौत उनके अस्पताल में नहीं, बल्कि ग्लोबल अस्पताल में हुई।
जब अस्पताल संचालक से परिवार के उस आरोप के बारे में पूछा गया कि उन्हें इलाज से संबंधित कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए, तो डॉ. पारस कुमार ने कहा कि ऑपरेशन आयुष्मान योजना के तहत किया गया था और आयुष्मान योजना में इलाज के कागजात परिवार को नहीं दिए जाते हैं।
इसके अलावा डॉ. पारस कुमार ने बातचीत के दौरान पीड़ित परिवार पर कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों पर अपना पक्ष रखा।

CMO ने कहा- जांच कमेटी गठित

वहीं, पूरे मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह और नोडल अधिकारी डॉ. लईक अहमद अंसारी से इंडस न्यूज़ टीवी ने बातचीत की। अधिकारियों ने बताया कि मामले में जांच कमेटी गठित कर दी गई है। उनका कहना है कि कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. विश्राम सिंह, CMO (File Photo)
अब इस मामले में एक तरफ परिवार बालाजी अस्पताल में हुए ऑपरेशन को लेकर गंभीर सवाल उठा रहा है, वहीं अस्पताल संचालक का कहना है कि ऑपरेशन के समय कोई जटिलता नहीं थी और महिला की हालत नाजुक होने पर उसे ग्लोबल अस्पताल रेफर किया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने परिवार के आरोपों से अलग अपना पक्ष भी सामने रखा है।
ऐसे में अब जांच कमेटी की जांच बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। जांच में ऑपरेशन से पहले और बाद की मरीज की स्थिति, उपचार की प्रक्रिया, रेफरल के कारण, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की हालत क्यों बिगड़ी और मौत की परिस्थितियां क्या थीं। पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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